जालंधर ( सतीश कश्यप ) जालंधर छावनी में अवैध निर्माण पर नहीं की गई कार्रवाई, सैकड़ो इमारतें रेजिडेंशियल से कमर्शियल में तब्दील, किसकी अनुमति से मिले कमर्शियल बिजली के कनेक्शन शिकायतकर्ता ने सीईओ ओमपाल सिंह को भेजा नोटिस जालंधर कैंट इलाके में अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे 239 ,248 के नोटिस भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती शिकायत के बावजूद जालंधर छावनी में चल रहे अवैध निर्माणों पर बिल्कुल कार्रवाई नहीं की गई। देखते देखते सैकड़ो इमरते रेजिडेंशियल से कमर्शियल में तब्दील हो गई है। कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा कार्रवाई न करने की सूरत में शिकायतकर्ता आशीष वर्मा ने अपने वकील के माध्यम से सीईओ ओमपाल सिंह तथा बोर्ड प्रधान को नोटिस भेज कर इमारतों के संबंध में डाली गई आरटीआई का जवाब तथा बार-बार की गई शिकायत का जवाब मांगा गया है आशीष वर्मा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों के भीतर लगभग 40 से 50 व्यावसायिक इमारतें कैंटोनमेंट क्षेत्र में निर्मित की गई हैं, जिनमें से अधिकांश निर्माण स्पष्ट रूप से एक्ट 2006 का उल्लंघन हैं। इसके बावजूद कैंटोनमेंट बोर्ड ने किसी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। यह स्थिति भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, जिससे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। यह भी प्रतीत होता है कि कुछ अधिकारी जानबूझकर इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से बच रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। आशीष वर्मा ने अरोप लगाया है कि 13 नवंबर को बोर्ड कार्यालय मे शिकायत का मेमोरेंडम देने गया था परंतु OS का जवाब था कि सभी अवैध इमारतों के सबूत प्रस्तुत किए जाएं उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी और इंजीनियर ने भी कार्रवाई करने का नाटकीय ढंग से जवाब दिया उसका कहना था कि सभी को काम रोकने के नोटिस भेजे हैं जबकि देखने में आया है कि नोटिस के बाद भी काम को रोका नहीं गया और दफ्तर से भेजे गए नोटिस ही नगर में चल रहे अवैध निर्माण के सबसे बड़े भ्रष्टाचार के सबूत हैं आशीष वर्मा ने कहा कि मोहल्ला नंबर 10 में प्रॉपर्टी नंबर 48 मे रेजिडेंशियल से कमर्शियल दुकान बनाई गई जिसमें मोहल्ला नंबर दो में पुराने सेंट्रल बैंक में सब डिवीजन के रूप में कमर्शियल इमारत बनाई गई मोहल्ला नंबर 2 के बिल्कुल सामने जूस मालिक द्वारा रोक लगाने के बावजूद भी नाजायज इमारत खड़ी कर दी जिसका चेंज आफ परपज भी किया गया। मोहल्ला नंबर 14 में एक मिष्ठान की दुकान के सामने सरकारी भूमि पर इसी व्यक्ति ने बिल्डिंग का निर्माण किया। मोहल्ला नंबर 16 प्रॉपर्टी नंबर 17 में खाली पड़े प्लाट में आधा दर्जन के करीब कमर्शियल दुकाने बना दी गई और प्लांट में कुछ भूमि सरकारी भी बताई जा रही है। मौहल्ला नंबर 16 प्रॉपर्टी नंबर 45 में रेजिडेंशियल से कमर्शियल इमारत बनकर तैयार हो गई मोहल्ला नंबर 20 में प्रॉपर्टी नंबर18/19 में रेजिडेंशियल इमारत पर आधा दर्जन के करीब कमर्शियल दुकाने बना दी है और सरकारी भूमि पर दुकानों के शटर लगा दिए गए मोहल्ला नंबर 4 गंगा रोड पर प्रॉपर्टी नंबर 1 में बगैर अनुमति के बहुमंजिला इमारत बनाई गई है मोहल्ला नंबर 3 में अवैध निर्माण जारी है। मोहल्ला नंबर 22 में एक कपड़ा व्यापारी द्वारा सरकारी लैंड पर कब्जा कर लिया गया। जिसकी पहले से ही लोकपाल में शिकायत दर्ज है। मोहल्ला नंबर 4 में पिछले महीने एक महिला डॉक्टर ने पूरी इमारत को रेजिडेंस से कमर्शियल में बदल दिया आशीष वर्मा ने कहा कैंट बोर्ड नोटिस का क्या जवाब देता है उसके बाद ही असलियत का पता चलेगा

