जालंधर ( सतीश कश्यप ) कैंटोनमेंट बोर्ड प्रशासन की तरफ से घरों और दुकानों की सरकारी रेट पर स्क्वायर फीट के आधार पर की जा रही असेसमेंट को लेकर लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बोर्ड द्वारा हर तीन साल बाद की जाने वाली असेसमेंट में गरीब परिवारों के छोटे मकानों पर अत्यधिक टैक्स लगाने के नोटिस जारी किए हैं जबकि बड़े और आलीशान मकानों को कम टैक्स के दायरे में क्यों रखा गया है। आशीष वर्मा ने जानकारी दी है कि कैंट में बनाई जा रही अवैध बिल्डिंग के मामले में मोटी रिश्वत तो ली जा रही है वहीं गरीब व्यक्ति के
दो मरले तक के छोटे मकानों पर अत्यधिक एनुअल रेंट वैल्यू लगाकर नोटिस भेजे गए हैं जिससे गरीब परिवार आर्थिक बोझ तले दब रहे हैं। दूसरी ओर, 6 से 8 मरले तक के बड़े मकानों की एनुअल रेंट वैल्यू ना के बराबर लगाकर उन लोगों से कम टैक्स वसूला जा रहा है सबसे बड़ा सबूत कैंट के मोहल्ला नंबर 1 पेंटर की दुकान के सामने 8 से 10 मरले का आलीशान मकान एसेसमेंट टैक्स न के बराबर मोहल्ला नंबर 6 में अकाउंटेंट की प्रॉपर्टी और उसी के साथ कपड़ा दुकानदार की आलीशान इमारत मोहल्ला नंबर 28 में प्रॉपर्टी नंबर 36, 37,38,39, आलीशान मकान टैक्स न के बराबर, साल पहले दो प्रॉपर्टी का किया गया था निर्माण मोहल्ला नंबर 27 प्रॉपर्टी नंबर 35,37, नव निर्माण आलीशान मकान, मोहल्ला नंबर 22 एक निजी एनसी स्कूल की ट्रिपल स्टोरी इमारत सब्जी मंडी के पास फर्नीचर की दुकान बहुत बड़ा हाल टैक्स न के बराबर मोहल्ला 20 में जिम का निर्माण टैक्स न के बराबर मोहल्ला नंबर 14 में मेहता प्रॉपर्टी टैक्स ना के बराबर आलीशान मकान मोहल्ला नंबर 10 में प्रॉपर्टी नंबर 65 फर्नीचर की दुकान टैक्स न के बराबर मोहल्ला नंबर 10 में डोगरा बिल्डिंग नया निर्माण इसके अलावा मोहल्ला नंबर दो में बैंक की बिल्डिंग में आलीशान नया निर्माण ऐसे और भी कई आलीशान निर्माण हो रहे हैं या हो चुके हैं इस संबंध में भी जल्द खुलासा किया जाएगा
आशीष का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और संपन्न लोगों से कथित रूप से रिश्वत लेकर उनकी असेसमेंट कम की जाती है, जबकि आम और गरीब नागरिकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। मांग है कि सभी संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर समान नियमों के तहत टैक्स निर्धारित किया जाना चाहिए
संबंधित अधिकारियों और उच्च प्रशासन से मामले की जांच करवाने तथा कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि गरीब लोगों को राहत मिल सके और पारदर्शिता बनी रहे। बड़ी बात यह है कि कैंट में लोगों की तरफ से बनाई गई बेसमेंटों की भी असेसमेंट क्यों नहीं की जाती और गैर कानूनी तरीके से बनाई गई बेसमेंट पर करवाई क्यों नहीं की गई
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कैंट इलाके में एसेसमेंट मामला गरीबों पर टैक्स का बोझ, अमीरों को राहत क्यों
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