जालंधर: ( सतीश कश्यप ) जालंधर के मीठापुर चौक में अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। नगर निगम द्वारा कार्रवाई कर सील की गई दुकानों की सील तोड़े जाने की चर्चा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले नगर निगम की टीम ने मीठापुर चौक में आधा दर्जन से अधिक अवैध दुकानों को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्त किया था। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित बिल्डर ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया और दुकानों को लगभग तैयार कर लिया। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद निगम अधिकारियों ने दोबारा कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया था।
अब ताजा घटनाक्रम में यह सामने आया है कि कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप के बाद इन दुकानों की सील तोड़ दी गई। हालांकि इस संबंध में निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि बिना वैध आदेश के सील तोड़ी गई है तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना माना जाएगा।
इस मामले से न केवल नगर निगम की साख पर प्रश्नचिह्न लगा है, बल्कि राज्य सरकार को राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों में रोष है और वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या फिर मामला प्रभाव और दबाव के बीच ठंडे बस्ते में चला जाएगा — इस पर शहरवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।

